ब्लड प्रेशर नियंत्रण में लापरवाही दिल और गुर्दों पर पड़ सकती है भारी
सहारनपुर, अगस्त 24 -- सहारनपुर। हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने और गंभीर मरीजों में इसके बेहतर इलाज पर एसोसिएशन ऑफ फिजिशियन ऑफ इंडिया, सहारनपुर ब्रांच की मासिक वैज्ञानिक गोष्ठी में मंथन हुआ। जीपीओ रोड स्थित होटल के सभागार में वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर सुधांशु बुडाकोटी ने कहा कि डायबिटीज, हृदय और गुर्दा रोगियों का ब्लड प्रेशर 130/80 से नीचे रहना चाहिए। उन्होंने बताया कि तीन दवाओं के बाद भी बीपी नियंत्रित न होने को रेजिस्टेंट हाइपरटेंशन कहा जाता है, जिसमें एमआरए दवा लाभकारी हो सकती है। एपीआई अध्यक्ष डॉक्टर कलीम अहमद ने गर्भावस्था में सामान्य बीपी की दवाओं से परहेज करते हुए निफेडिपीन, लेबीटोलोल, मिथाइलडोपा और क्लोनिडिन के उपयोग की जानकारी दी। उन्होंने नमक, वसायुक्त भोजन और एल्कोहल कम करने, फल, हरी सब्जियां, मछली, व्यायाम, वजन नियंत्रण,...
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