पटना, नवम्बर 1 -- ब्रेस्ट कैंसर की बामारी समय रहते पकड़ में आ जाए और उसकी सही पहचान हो तो इलाज हो सकता है। ब्रेस्ट कैंसर में इलेस्ट्रोग्राफी तकनीक 91 फीसदी कारगर है। ये बातें शनिवार को दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन सह कार्यशाला के पहले दिन देशभर से जुटे 150 से अधिक रेडियोलॉजिस्ट चिकित्सकों ने कहीं। सम्मेलन मगध सोसायटी ऑफ अल्ट्रासाउंड इन मेडिसीन एंड बायोलॉजी की ओर से आयोजित किया गया था। पहले दिन आयोजन सचिव डॉ.रवि प्रकाश ने बताया कि इलेस्ट्रोग्राफी नयी तकनीक है। मरीज की जांच के दौरान किसी तरह का रेडिएशन नहीं होता है। कम कीमत पर इस तकनीक से जांच पूरी की जाती है। किसी तरह के ऑपरेशन की जरूरत नहीं पड़ती है। इसके जरिए 15 से 20 मिनट में जांच की प्रक्रिया पूरी कर ली जाती है। ब्रेस्ट में ट्यूमर या गांठ का आकार,प्रकार और प्रकृति की पहचान अल्ट्रासाउंड इल...