लखनऊ, दिसम्बर 21 -- लखनऊ, कार्यालय संवाददाता पीजीआई के इमरजेंसी मेडिसिन विभाग में स्थापित आधुनिक स्ट्रोक यूनिट में ब्रेन स्ट्रोक रोगियों का समुचित इलाज उपलब्ध है। स्ट्रोक पड़ने के करीब पांच घंटे के भीतर रोगी यहां आ जाता है, तो दिमाग को होने वाली क्षति को काफी हद तक कम किया जा सकता है। स्ट्रोक यूनिट में 24 घंटे न्यूरोलॉजिस्ट और इंटरवेंशन रेडियोलॉजिस्ट की टीम मौजूद रहती है। यह जानकारी पीजीआई के इंटरवेंशन रेडियोलॉजिस्ट डॉ. विवेक सिंह ने आईएसवीआईआर यूपी चैप्टर की ओर से आयोजित मौजूदा गाइडलाइंस ऑन स्ट्रोक ट्रीटमेंट एंड कैरोटिड स्टेंटिंग सीएमई में दी। डॉ. विवेक ने बताया कि इस्केमिक स्ट्रोक के इलाज में थ्रोम्बोलाइसिस और मैकेनिकल थ्रॉम्बेक्टॉमी अहम भूमिका निभाते हैं। सीमित समय में इलाज मिलने से रोगी को दिव्यांगता से बचाया जा सकता है। सीएमई में पीज...