बहराइच, जून 1 -- बहराइच,संवाददाता। फखरपुर निवासी 43 वर्षीय पवन मिश्रा ने हार को जीत में बदल दिया। लगातार सिरदर्द और उल्टी की शिकायत पर लखनऊ में उनके दिमाग से 325 ग्राम की गांठ निकालने के लिए ऑपरेशन हुआ। बायोप्सी में ब्रेन टीबी की पुष्टि हुई। ऑपरेशन के बाद सिर के घाव से लगातार मवाद बहने लगा, जिससे पवन को भारी सामाजिक उपेक्षा झेलनी पड़ी। नाई तक बाल काटने से कतराते थे। मनोबल टूट गया और पवन मान चुके थे कि वे सामान्य नहीं हो पाएंगे।बताया कि निराशा के दौर में सीएचसी फखरपुर के डॉक्टरों ने उनकी काउंसलिंग कर उपचार शुरू कराया। निक्षय पोषण योजना की सहायता और नियमित दवा से एक महीने में मवाद बंद हो गया। नौ महीने का कोर्स पूरा करने के बाद पवन पूरी तरह स्वस्थ हो गए। आज वे वर्ल्ड हेल्थ पार्टनर की इम्पैक्ट इंडिया प्रोजेक्ट से जुड़कर टीबी चैंपियन बन ग्रामी...