नई दिल्ली, अगस्त 10 -- ब्रिटेन की रॉयल नेवी के इस्तेमाल किए जा रहे K3 स्काउट (K3 Scout) निगरानी ड्रोन्स को लेकर एक बड़ा राष्ट्रीय सुरक्षा संकट खड़ा हो गया है। एक उच्चस्तरीय जांच में खुलासा हुआ है कि ड्रोन्स में लगे कैमरे एक चाइनीज IP एड्रेस पर 'हार्टब्रीट कम्युनिकेशंस' डेटा भेज रहे थे। ब्रिटिश डिफेंस कॉन्ट्रैक्टर क्रैकेन टेक्नोलॉजी ग्रुप की तरफ से नौसेना को सप्लाई किए गए इन ड्रोन्स का इस्तेमाल मार्च से ही रॉयल मरीन कर रही थी। अति-संवेदनशील सैन्य बैठकों और स्पेशल फोर्सेज के ट्रेनिंग एरिया के पास इन ड्रोन्स की तैनाती के कारण डेटा लीक होने की गंभीर आशंका जताई जा रही है।क्या होता है हार्टबीट कम्यूनिकेशन? जांच में पाया गया कि ड्रोन्स में लगे थर्ड-पार्टी कैमरों का कुछ हिस्सा चीन से बन कर आया था। ये कैमरे चीन स्थित सर्वर/आईपी एड्रेस पर लगातार 'ह...