लखनऊ, अगस्त 24 -- लखनऊ, संवाददाता। ब्रिक्स के 20 साल पूरे होने के बाद अब संगठन के सामने वैश्विक शासन व्यवस्था में सुधार, तकनीक को समावेशी विकास का माध्यम बनाने और टिकाऊ विकास के लिए सामूहिक प्रयास बढ़ाने की चुनौती है। सोमवार को लखनऊ में शुरू हुए 18वें ब्रिक्स अकादमिक फोरम के पहले दिन नीति-निर्माताओं, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और विशेषज्ञों ने ब्रिक्स के भविष्य को लेकर मंथन किया। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत आयोजित फोरम का आयोजन ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ओआरएफ) ने रिसर्च एंड इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर डेवलपिंग कंट्रीज (आरआईएस) और लखनऊ विश्वविद्यालय के सहयोग से किया।

वैश्विक शासन में सुधार जरूरी विदेश मंत्रालय में सचिव (ईआर) एवं भारत के ब्रिक्स शेरपा सुधाकर दलेला ने कहा कि ब्रिक्स एक विचार से आगे बढ़कर उभरते बाजारों और विकासशील देशों के बीच स...