नई दिल्ली, फरवरी 1 -- हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में ब्रह्म मुहूर्त को सबसे पवित्र और शक्तिशाली समय माना जाता है। यह सुबह 4 बजे से 5:30 बजे (या सूर्योदय से लगभग 96 मिनट पहले) तक रहता है। इस समय वातावरण में सात्विक ऊर्जा का संचार होता है, जिससे मंत्र जप, ध्यान और पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है। ब्रह्म मुहूर्त में भगवान शिव के मंत्रों का जाप करने से नकारात्मक ऊर्जा, मानसिक तनाव और जीवन की परेशानियां दूर होती हैं। इससे सकारात्मक बदलाव आते हैं, आत्मविश्वास बढ़ता है और मन शांत रहता है। आइए जानते हैं ब्रह्म मुहूर्त में शिव मंत्र जप के महत्व और विधि के बारे में।ब्रह्म मुहूर्त का महत्व और समय ब्रह्म मुहूर्त को 'ब्रह्म का समय' कहा जाता है, क्योंकि इस दौरान ब्रह्मांड की सकारात्मक ऊर्जा चरम पर होती है। पुराण और ग्रंथों में इसे सबसे उत्तम समय बताय...
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