नई दिल्ली, अप्रैल 14 -- नॉर्वे की प्रमुख कंपनी कोंग्सबर्ग मैरीटाइम को भारतीय नौसेना के 'नेक्स्ट-जेनरेशन मिसाइल वेसल' (NGMV) प्रोग्राम के लिए एक अहम कॉन्ट्रैक्ट मिला है। इस समझौते के तहत कंपनी भारतीय नौसेना को 18 बड़े और एडवांस 'कामेवा' वॉटरजेट प्रोपल्शन सिस्टम की सप्लाई करेगी। इस घातक तकनीक से ब्रह्मोस से लैस नेवी के युद्धपोतों की रफ्तार बढ़ेगी।वॉटरजेट प्रोपल्शन सिस्टम की खासियत पारंपरिक प्रोपेलर (पंखे) के विपरीत, वॉटरजेट तकनीक पानी को अंदर खींचकर, उसकी गति बढ़ाती है और फिर उसे बहुत तेज गति से बाहर निकालती है। यह तकनीक कई मायनों में पारंपरिक जहाजों से बेहतर है। बेहतरीन स्टील्थ: रडार की पकड़ में आने की संभावना कम होती है। तेज गति और एक्सीलरेशन: जहाज को तुरंत तेज गति पकड़ने में मदद मिलती है। बेहतर पैंतरेबाजी: जहाज को मोड़ने और नियंत्रित करन...