ब्रह्मा जी के लिखे को मात्र शिवजी मेट सकते हैं: बाल व्यास
गोंडा, मई 22 -- तरबगंज, गोंडा। श्रीबटुक भैरव मंदिर श्रीस्वामी नाथ आश्रम पूरे गयन पकड़ी में गुरुवार शाम को बाल व्यास प्रज्ञान शुक्ला प्रसून ने शिव महापुराण महिमा का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि ब्रम्हा जी के लिखे को यदि किसी में बदलने की शक्ति एक मात्र शिव जी के अंदर है। तुलसी दास कहते है ' भावी मेटि सकहि त्रिपुरारी ' इसलिए हर किसी को महादेव की भक्ति करनी चाहिए। शिव महापुराण की कथा कहती है की यदि कोई व्यक्ति गलती से भी शिव उपासना कर लेता है तो उसे अवश्य ही शिव लोक की प्राप्ति होती है। तैंतीस कोटि देवताओं में सबसे सरल पूजा महादेव की है। यह भी पढ़ें- श्रीरुद्र महायज्ञ व शिव महापुराण कलश यात्रा के साथ प्रारंभ मात्र एक लोटा जल से ही बाबा प्रसन्न हो जाते है यदि कोई सात जन्म का दरिद्र हो और वो भी शिव की शरण में आ जाये तो बाबा उसकी दरिद्रता का हरण...
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