हरिद्वार, फरवरी 4 -- पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी महाराज में युवाओं को भी अध्यात्म से जोड़ने भाव था। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों पर भारत माता मंदिर की स्थापना की। उन्होंने समन्वय सेवा ट्रस्ट बनाकर देश में समन्वय का विचार दिया। उन्होंने केवल धार्मिक प्रवचन नहीं किए बल्कि अंतिम छोर के समाज को भी आगे लाने का कार्य किया। स्वामी विवेकानंद के बाद स्वामी सत्यमित्रानंद की वाणी में ही ज्ञान के भाव थे। आज उनके पदचिह्नों पर चलने की आवश्यकता है। देश की तरक्की के लिए समन्वय जरूरी है, देश में ऊंच-नीच और जात-पात के भेदभाव को मिटाने का कार्य भारत माता मंदिर करेगा। संतों के कारण भटके हुए मानवों को सन्मार्ग पर जाने की राह मिलती है। आदिवासी क्षेत्र में उन्होंने लोगों को जागृत करने का कार्य किया। मध्य प्रदेश...