हापुड़, जनवरी 29 -- ब्रहम्लीन संत की पुण्यतिथि के अवसर पर धर्म के बताए सद्मार्ग पर चलते हुए सामाजिक कुरीतियों से दूर रहकर दीन दुखियों की हरसंभव मदद करने का संकल्प लिया गया। महाभारत कालीन गढ़ गंगानगरी के पौराणिक मुक्तेश्वर महादेव नक्का कुआं मंदिर में गुरुवार को ब्रह्मलीन संत महेश गिरि की तृतीय पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक ढंग में मनाई गई। मंदिर के मुख्य महंत बरहागिरि महाराज ने कहा कि संतों का जीवन परोपकार के लिए होता है। जिनके वचनों को सुनकर भक्त धर्म के बताए सद्मार्ग पर चलते हुए सामाजिक कुरीतियों से दूर रहकर दीन दुखियों की हरसंभव मदद करने का संकल्प लेते हैं। इसके अलावा यह प्रण भी लेते हैं कि जीवन में कभी किसी का कोई अहित न हो पाए और जीवों पर भी दया होती रहे। महंत ने कहा कि संत समागम हरि कथा तुलसी दुर्लभ दोगे शुद्ध धारा और लक्ष्मी पापी के घर भी...
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