कानपुर, दिसम्बर 23 -- अकबरपुर क्षेत्र के ग्राम मंसुरा में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में आचार्य संतोष भाई जी ने भागवत के दिव्य रहस्यों, भगवान श्रीकृष्ण की बाल-लीलाओं एवं गोवर्धन लीला का वर्णन किया। इससे उपस्थित श्रद्धालुओं को भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का मर्म भी समझाया। आचार्य ने कहाकि जब जीव की बुद्धि में ब्रह्म तत्व का आगमन हो जाता है, तब माया के समस्त बंधन स्वत: खुलने लगते हैं। जीव सांसारिक मोह, भय और अहंकार से मुक्त होकर परमात्मा की शरण में चला जाता है। उन्होंने कहाकि माता यशोदा वात्सल्य की सजीव मूर्ति हैं, जिनके हृदय में किसी के प्रति द्वेष, ईष्र्या और वैमनस्य नहीं होता, वे माता कौशल्या के स्वरूप को प्राप्त कर लेते हैं। और जिनकी इंद्रियां उनके नियंत्रण में रहती हैं, वे राजा दशरथ जैसे आदर्श जीवन को जीते हैं। भगवान के प्रागट्य उत्सव को बड़े ...
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