नई दिल्ली, नवम्बर 7 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। सड़क हादसों के आंकड़े कम करने के लिए केंद्र सरकार ने अब सूचना प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को हथियार बना लिया है। जीपीएस मैपिंग, ई-डीएआर पोर्टल और ट्रिपल इंटीग्रेशन की आधुनिक डिजिटल ताकत के दम पर सरकार ने देश के 1,500 हाई-रिस्क कॉरिडोर और 30,000 से अधिक ब्लैक स्पॉट्स को मिशन मोड में सुरक्षित करने का ऐतिहासिक अभियान छेड़ दिया है। शुरुआती पायलट प्रोजेक्ट्स में इस डेटा-ड्रिवन मॉडल ने सड़क मौतों में 30 से 60 फीसदी तक की भारी गिरावट दर्ज कर अपनी सफलता का डंका बजा दिया है। सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस तकनीक से सड़क सुरक्षा की पूरी तस्वीर बदलने जा रही है। अब कागजी खानापूर्ति और देरी से मिलने वाली रिपोर्ट का दौर समाप्त हो गया है। इलेक्ट्रॉनिक...