नई दिल्ली, सितम्बर 22 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा कि किसी खिलाड़ी को किसी विशेष वर्ग में प्रतियोगिता से बाहर रखने का फैसला यदि संबंधित प्राधिकरण और विशेषज्ञों ने वस्तुनिष्ठ आधार पर लिया है तो अदालत उसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकती।

याचिका खारिज उच्च न्यायालय ने यह टिप्पणी 20वें एशियन गेम्स में महिला प्लस 87 किलोग्राम वर्ग के लिए चयन ट्रायल नहीं कराने के फैसले को चुनौती देने वाली खिलाड़ी मुस्कान राठी की याचिका खारिज करते हुए की। न्यायमूर्ति अमित महाजन की पीठ ने कहा, किसी खिलाड़ी को किसी विशेष वर्ग में भाग लेने से बाहर रखने का फैसला संबंधित प्राधिकरण और विषय विशेषज्ञों द्वारा वस्तुनिष्ठ रूप से लिया गया है। इसमें अदालत हस्तक्षेप नहीं कर सकती। राठी ने इंडियन कुराश एसोसिएशन (टीआईकेए) के उस फैसले को चुनौती दी, जिसके...