नई दिल्ली, फरवरी 24 -- लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के बनाए संसदीय मैत्री समूहों के जरिये सरकार ने एक साथ कई निशाने साधे हैं। 64 देशों के लिए गठित समूहों में सभी दलों के प्रमुख सांसदों को शामिल किया गया है। इससे विश्व स्तर पर भारत की राजनीतिक एकजुटता तो दिखेगी ही, साथ ही विभिन्न मुद्दों पर सरकार पर होने वाले विपक्ष के हमलों की धार भी कमजोर पड़ेगी। ऑपरेशन सिंदूर के बाद सरकार ने इसी तरह की रणनीति अपनाई थी और उसकी सफलता के बाद यह कदम उठाया गया है। संसद के बजट सत्र के पहले चरण में विपक्ष के तेवरों से सरकार की दिक्कतें बढ़ी थी। दूसरे चरण के पहले लोकसभा अध्यक्ष द्वारा की गई विभिन्न देशों के संसदीय मैत्री समूहों की घोषणा से विपक्ष को यह संदेश दिया गया है कि सरकार राष्ट्रीय हित के मुद्दों पर सभी को साथ लेकर चल रही है। इन समूहों में शामिल सांसदों को भी...