नई दिल्ली, जुलाई 15 -- ट्रेनों में यात्रियों के साथ कैटरिंग वेंडरों द्वारा बदसलूकी और मारपीट की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए रेलवे बोर्ड ने डिजिटल ऑपरेशन शुरू किया। इसके तहत भारतीय रेल में कार्यरत सभी 7 लाख ठेका कर्मचारियों (1.2 लाख फ्रंटलाइन वेंडर सहित) की गहन डिजिटल स्कैनिंग कर उन्हें विशेष स्मार्ट आई-कार्ड जारी किए जा रहे हैं। इस डिजिटल पहचान से यात्रियों से मारपीट कर भागने वाले वेंडरों को देश के किसी भी कोने से दबोचना आसान होगा। वहीं, यार्डों में होने वाली रेल संपत्ति की चोरी पर भी 85 फीसदी तक लगाम लगेगी। सूत्रों के मुताबिक, भारतीय रेल में 12 लाख स्थायी कर्मचारी हैं तथा लगभग सात लाख ठेका कर्मी हैं। इस कार्यबल में से 1.2 लाख फ्रंटलाइन अधिकृत वेंडर और हॉकर हैं, जो रोजाना करोड़ों यात्रियों के सीधे संपर्क में आते हैं। रेलवे बोर्ड नए रेल-श्...