नई दिल्ली, मार्च 20 -- नई दिल्ली, मदन जैड़ा पश्चिमी एशिया में संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है, ऐसे में जहां भारत के लिए ऊर्जा से जुड़ी चुनौतियां सामने हैं, वहीं ब्रिक्स के अध्यक्ष के रुप में भी उसके लिए कूटनीतिक धर्मसंकट की स्थिति है। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत के लिए ब्रिक्स को भू राजनीतिक संघर्षों की उलझनों से मुक्त रखना सबसे बड़ी चुनौती है।ब्रिक्स के सभी देश अलग-अलग विचारों केब्राजील, रूस, भारत, चीन तथा दक्षिण अफ्रीका का समूह ब्रिक्स अब विस्तारित हो चुका है तथा इसे ब्रिक्स प्लस के रूप में जाना जाता है। इसमें कुल 11 देश हैं जो अलग-अलग विचारों के हैं। तीन देश ईरान, सऊदी अरब और यूएई ऐसे हैं जो सीधे तौर पर पश्चिम एशिया में संघर्ष से जुड़े हैं। ईरान चाहता है कि ब्रिक्स के अध्यक्ष के रूप में भारत अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमले की ...