वाराणसी, अगस्त 16 -- वाराणसी। कोई राष्ट्र तभी समृद्ध बनता है, जब उसकी बौद्धिक क्षमता का विकास हो। शिक्षक इसी बौद्धिक क्षमता को दिशा और मूल्य प्रदान करता है। ज्ञान, प्रशिक्षण और प्रसार शिक्षण संस्थानों की मूल जिम्मेदारियां हैं। शिक्षा संकाय ने अपनी 108 वर्षों की यात्रा में इन दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन किया है। ये बातें शिक्षाविद प्रो.हरिकेश सिंह ने कहीं। वह रविवार को बीएचयू के शिक्षा संकाय के 109वें स्थापना दिवस समारोह की अध्यक्षता कर रहे थे। कमच्छा स्थित संकाय के चाणक्य सभागार में हुए आयोजन में उन्होंने कहा कि व्यक्ति ने जीवन में कौन-सा पद प्राप्त किया, इससे अधिक महत्वपूर्ण यह कि उसने समाज और राष्ट्र के लिए क्या योगदान दिया। राष्ट्र का निर्माण कक्षा में होता है। संकाय की बौद्धिक विरासत का उल्लेख करते हुए प्रो.सिंह ने कहा कि यह व...