कानपुर, मई 27 -- कानपुर, प्रमुख संवाददाता। ऑटिज्म, सेरेब्रल पाल्सी, बौद्धिक दिव्यांगता और बहुदिव्यांगता से जूझ रहे लोगों को सुरक्षित, सम्मानजनक और व्यवस्थित जीवन उपलब्ध कराने की दिशा में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति की बैठक हुई। बैठक में ऐसे दिव्यांगजनों के लिए विधिक संरक्षक नियुक्त किए जाने संबंधी 16 प्रस्तावों पर सुनवाई एवं चर्चा की गई। बैठक में बताया गया कि कई मानसिक एवं बौद्धिक दिव्यांगजन अपने दैनिक जीवन, बैंकिंग, इलाज, शिक्षा, संपत्ति अथवा सरकारी योजनाओं से जुड़े निर्णय स्वयं लेने में सक्षम नहीं होते। ऐसे मामलों में माता-पिता अथवा निकट संबंधी विधिक संरक्षक बनने के लिए आवेदन कर सकते हैं। संरक्षक नियुक्त होने के बाद दिव्यांगजन के हितों की कानूनी सुरक्षा सुनिश्चित होत...