हल्द्वानी, फरवरी 23 -- सरहद पर दुश्मनों से लोहा लेने वाले फौजी के लिए रिटायरमेंट के बाद नागरिक जीवन (सिविल) की राह आसान नहीं होती। जिस ईमानदारी और अनुशासन को उन्होंने पूरी सेवा के दौरान जिया, सिविल जीवन में उसी नैतिकता की कमी उन्हें सबसे ज्यादा खलती है। सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से लेकर समाज में व्याप्त अव्यवस्थाओं तक, पूर्व सैनिक हर कदम पर एक नई जंग लड़ रहे हैं। लेकिन अब पूर्व सैनिकों ने तय किया है कि वे इन चुनौतियों के आगे झुकेंगे नहीं, बल्कि एकजुट होकर इनका समाधान निकालेंगे। हल्द्वानी के मुखानी में आयोजित भारतीय सेना के संचार विभाग (कॉर्प्स ऑफ सिग्नल्स) के 116वें स्थापना दिवस पर जुटे पूर्व सैनिकों ने यह संकल्प लिया कि वे न केवल पूर्व सैनिकों के हक की लड़ाई लड़ेंगे, बल्कि समाज में फिर से ईमानदारी और अनुशासन की अलख जगाएंगे। वैटरन सिग्नल...