हल्द्वानी, अप्रैल 19 -- हल्द्वानी, भूपेश कन्नौजिया। हल्द्वानी शहर के बीचों-बीच स्थित जिले की एक ऐतिहासिक तहसील की स्थापना 1899 में हुई थी। इसके अंतर्गत वर्तमान में 200 से अधिक गांव आते हैं। इस तहसील में तहसीलदार, पटवारी और अन्य राजस्व अधिकारी बैठते हैं, जो भूमि संबंधी कार्यों के साथ-साथ आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र जारी करते हैं। बावजूद इतने वर्षों बाद भी यहां आने वाले लोगों को बदइंतजामी के बीच घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। तहसील परिसर में बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण लोगों को धूप और बारिश में खड़े रहने को मजबूर होना पड़ता है। महिलाओं के लिए शौचालय जैसी बुनियादी सुविधा तक उपलब्ध नहीं है। सुरक्षा व्यवस्था भी कमजोर है, जिससे चोरी और जेबकतरी की घटनाएं सामने आ रही हैं। बढ़ती भीड़ के बावजूद व्यवस्थाओं में सुधार न होने से लोगों...