हल्द्वानी, फरवरी 26 -- हल्द्वानी, दीक्षा बिष्ट लमगड़िया। डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल के ठीक पीछे बसा डहरिया क्षेत्र इन दिनों सरकारी उपेक्षा और अव्यवस्थाओं का जीवंत उदाहरण बन गया है। पाइपलाइन बिछाने के नाम पर खुदी सड़कें, निजी अपार्टमेंट से बहता गंदा पानी और मौत का जाल बनी खुली नहर ने यहां के करीब 250 लोगों का जीवन दूभर कर दिया है। जहां एक ओर धूल के गुबार लोगों के फेफड़ों में जहर घोल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जलभराव के कारण विकास की रफ्तार भी कीचड़ में फंसकर रह गई है। नरकीय हालात से जूझ रहे स्थानीय निवासियों का सब्र अब जवाब देने लगा है। 'बोले हल्द्वानी' की टीम ने जब धरातल पर उतरकर क्षेत्र की पड़ताल की, तो दावों और हकीकत के बीच का फासला साफ नजर आया। डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल से सटा डहरिया क्षेत्र इन दिनों मूलभूत समस्याओं के मकड़जाल में फंसा हुआ है। क...