सीतापुर, मार्च 30 -- वर्तमान में मध्य पूर्व में चल रही जंग की तपिश आम इंसान की जेब पर असर डाल रही है। नवीन शैक्षिक सत्र ने अभिभावकों की चिंता को और भी बढ़ा दिया है। निजी स्कूलों की हर साल फीस में होने वाली बढ़ोतरी थमने का नाम नहीं ले रही है। वहीं निजी स्कूलों की कॉपी-किताबों, ड्रेस व स्टेशनरी आदि की बदलती सूची ने अभिभावकों की रातों की नींद उड़ा रखी है। सीतापुर। बेहतर शिक्षा के जरिए अपने बच्चों को कामयाबी की बुलंदियों तक पहुंचाने का सपना देखने वाले अभिभावकों के लिए नवीन शैक्षिक सत्र किसी चुनौती से कम नहीं होता है। हर साल बढ़ती स्कूलों की फीस व कापी-किताबों में होता बदलाव अभिभावकों की जेब ढीली कर रहा है। वर्तमान समय में हर व्यक्ति अपने जिगर के टुकड़े को बेहतर से बेहतर शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए ऐड़ी चोटी का जोर लगा देता है, जिससे उसके लाल ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.