सीतापुर, मार्च 31 -- गैर सिंचित क्षेत्रों में किसानों को सिंचाई की सुविधा देने के लिए स्थापित की गई राजकीय नलकूप व्यवस्था अब खुद ही संकट में नजर आ रही है। सरकारी आंकड़ों की बात करें तो जिले में कुल 28065 हेक्टेयर भूमि पर फसलों की सिंचाई राजकीय नलकूपों से की जाती है। लेकिन जिले में बदहाल नलकूप व्यवस्था कुछ और ही कहानी कह रही है। सीतापुर। जिले के गैर सिंचित क्षेत्रों में खेती को सहारा देने के लिए शासन की ओर से वर्षों पहले राजकीय नलकूपों की स्थापना कराई गई थी। इन नलकूपों के माध्यम से खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए नालियों का जाल भी बिछाया गया था ताकि किसान आसानी से अपनी फसलों की सिंचाई कर सकें। लेकिन मौजूदा समय में यह पूरी व्यवस्था कई तरह की समस्याओं से जूझ रही है। जिले में राजकीय नलकूप व्यवस्था को दो हिस्सों में बांटा गया है, नलकूप खंड प्रथम...