सीतापुर, नवम्बर 17 -- दीवानी कचहरी हो या कलेक्ट्रेट या फिर तहसील के न्यायालय हों हर स्थान पर महिला वकीलों की संख्या दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। पुरुषों के साथ महिला अधिवक्ता भी लोगों को न्याय दिलाने के लिए तत्पर हैं। इसके बावजूद महिला वकीलों को कार्य स्थल पर कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। महिला अधिवक्ताओं की इन्हीं समस्याओं को लेकर आपके अपने हिन्दुस्तान समाचार पत्र ने मई माह में बोले सीतापुर के तहत विस्तृत समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें खास कर वकालत की पढ़ाई पास कर अदालतों में प्रैक्टिस शुरू करने में महिला अधिवक्ताओं की परेशानियों को प्रमुखता दी गई थी। बावजूद इसके अभी व्यवस्था में कोई खास सुधार होता दिखाइ्र नही दे रहा है। आज भी कोर्ट परिसर में महिला वकील अधिवक्ता चैंबर और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही हैं...
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