भागलपुर, मार्च 10 -- -प्रस्तुति : विजय झा हाल के वर्षों में परिवहन व्यवस्था में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है। पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों, बढ़ते वायु प्रदूषण और वाहनों के रखरखाव पर आने वाले अधिक खर्च के कारण लोग अब वैकल्पिक ईंधन की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं। इसी कड़ी में गैस से संचालित टेम्पू (ऑटो) की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। सीएनजी आधारित ऑटो न केवल ईंधन की लागत को कम करते हैं, बल्कि ध्वनि और वायु प्रदूषण भी अपेक्षाकृत कम फैलाते हैं। यही कारण है कि सहरसा जिले में भी शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक सीएनजी ऑटो की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।पर्यावरण के लिहाज से यह बदलाव सकारात्मक माना जा रहा है, लेकिन इसके साथ एक बड़ी समस्या भी सामने आई है। जिले में अब तक ऑटो के लिए एक भी वैध सीएनजी रिफिलिंग सेंटर स्थापित नहीं ...