भागलपुर, मार्च 11 -- -प्रस्तुति: श्रुतिकांत कोसी प्रमंडलीय मुख्यालय सहरसा का एकमात्र विधि शिक्षण संस्थान, रविनंदन स्मारक विधि महाविद्यालय, पिछले पांच वर्षों से लगभग ठप स्थिति में है। वर्ष 2020 से यहां नामांकन बंद है और तब से नए छात्रों का प्रवेश नहीं हो पाया है। शिक्षकों की कमी और नियुक्ति प्रक्रिया में देरी के कारण कॉलेज की शैक्षणिक गतिविधियां पूरी तरह प्रभावित हो गई हैं। इसका सीधा असर स्थानीय छात्रों पर पड़ा है, जिनका भविष्य अधर में लटक गया है और कई विद्यार्थियों को विधि की पढ़ाई के लिए अन्य शहरों का रुख करना पड़ रहा है।इस महाविद्यालय का इतिहास गौरवपूर्ण रहा है। इस संस्थान से पढ़कर अनेक छात्र न्यायिक सेवा, प्रशासनिक सेवा और विधि क्षेत्र के विभिन्न महत्वपूर्ण पदों तक पहुंचे हैं। असम हाईकोर्ट के न्यायाधीश नीलम सिंह ने भी यहीं से विधि की प...
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