भागलपुर, जनवरी 2 -- -प्रस्तुति: पुलेंद्र कुमार महादेव जिले की पहचान केवल बाढ़, कृषि या प्रशासनिक सीमाओं तक नहीं है, बल्कि यह भूमि संत, साधना और संघर्ष की परंपरा से भी जुड़ी हुई है। इसी परंपरा के एक महत्वपूर्ण स्तंभ थे महान संत एवं योगी मौनी बाबा। बावजूद इसके, उनकी साधना स्थली धबौली पश्चिमी के कहरा स्थित कुटी आज भी विकास और संरक्षण की बाट जोह रही है। मौनी बाबा की कुटी जिले के पूर्वी हिस्से में स्थित है। यही भौगोलिक स्थिति ग्रामीणों के अनुसार इसकी उपेक्षा का सबसे बड़ा कारण बन गई है। पर्यटन एवं कला - संस्कृति विभाग की अधिकांश गतिविधियां जिला मुख्यालय या उसके आसपास के चुनिंदा स्थलों तक सीमित रहती हैं। विभागीय योजनाएं, निरीक्षण और प्रचार मुख्य रूप से शहरी क्षेत्रों पर केंद्रित दिखाई देते हैं। नतीजतन, दूर -दराज स्थित ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल धी...
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