भागलपुर, जनवरी 31 -- -प्रस्तुति: विजय झा। भारत माला सड़क के पश्चिम स्थित बहियार क्षेत्र में जलकुंभी का अप्रत्याशित प्रसार आज किसानों के लिए सबसे बड़ी समस्या बनकर उभरा है। स्थानीय लोगों के अनुसार लगभग एक दशक पूर्व तक यह क्षेत्र खेती के लिए अत्यंत उपजाऊ माना जाता था। यहां मूंग, मक्का, खरीफ धान सहित कई प्रकार की फसलें बड़े पैमाने पर होती थीं। चौर क्षेत्र में नमी और जल की उपलब्धता के कारण पैदावार भी अच्छी होती थी, जिससे किसान आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बने रहते थे लेकिन धीरे-धीरे जलकुंभी ने इस पूरे क्षेत्र को अपनी गिरफ्त में ले लिया। आज स्थिति यह है कि जहां पहले हरे-भरे खेत नजर आते थे, वहां अब सालों भर केवल जलकुंभी तैरती दिखाई देती है। खेतों में खेती करना तो दूर, अब वहां जाना भी मुश्किल हो गया है। जलकुंभी इतनी सघन हो चुकी है कि पानी की सतह पूरी...
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