भागलपुर, फरवरी 26 -- प्रस्तुति : श्रुतिकांत बिहार की सांस्कृतिक परम्पराओं की चर्चा होते ही अनेक ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों का स्मरण होता है, किन्तु कोसी अंचल का ऐतिहासिक गांव बनगांव अब भी राष्ट्रीय पहचान की प्रतीक्षा में है। लगभग 200 वर्षों से अधिक समय से यहां मनाई जा रही संत लक्ष्मीनाथ गोसाई द्वारा प्रारम्भ की गई घुमौर होली केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि शास्त्रीय संगीत, सामाजिक एकता और सांप्रदायिक सौहार्द का अद्वितीय प्रतीक है। अब इस विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की मांग तेज होने लगी है। स्थानीय लोगों ने इस परम्परा को व्यापक पहचान देने के लिए आवाज उठानी शुरू कर दी है। उनका कहना है कि वृन्दावन के बाद बनगांव की घुमौर होली का अपना विशिष्ट स्थान है, किन्तु यह अद्भुत परम्परा आज भी क्षेत्रीय दायरे में सिमट कर रह गई है। लोगों का मानना है...