भागलपुर, जनवरी 11 -- -प्रस्तुति: विजय झा सोनवर्षा राज प्रखंड क्षेत्र के धेमरा नदी के पूर्व स्थित बहियार और बनगांव-सुपौल मुख्य मार्ग के पश्चिमी हिस्से में फैली कृषि भूमि कभी इस क्षेत्र की समृद्धि की पहचान हुआ करती थी। यहां के सैकड़ों एकड़ उपजाऊ खेतों में खरीफ और रबी दोनों मौसमों में भरपूर खेती होती थी। लेकिन बीते कुछ वर्षों से बाढ़,जलजमाव और सूखाड़ की समस्या किसानों के लिए स्थायी संकट बन चुकी है। स्थिति यह है कि एक हजार से अधिक किसान हर साल फसल बर्बादी का दंश झेलने को विवश हैं। मुरली बसंतपुर, बलहा पट्टी, बनगांव नगर और चैनपुर पंचायतों के बहियारों में पहले समय पर जल निकासी हो जाने के कारण रबी मौसम में गेहूं, खेसारी, मटर सहित अन्य दलहनी फसलों की खेती कम लागत में बड़े पैमाने पर होती थी। तीन वर्ष पहले तक जिन खेतों में रबी की फसलें लहलहाती थीं, ...
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