भागलपुर, जनवरी 14 -- -प्रस्तुति: श्रुतिकांत मोहल्लों और बस्तियों में तेजी से खुलते निजी पानी प्लांट अब आम जनजीवन का हिस्सा बन चुके हैं। जहां कुछ वर्ष पूर्व तक गिने-चुने इलाकों में ही आरओ या मिनरल वाटर प्लांट दिखाई देते थे, वहीं अब लगभग हर मोहल्ले में दर्जनों पानी प्लांट संचालित हो रहे हैं। इन प्लांटों की बढ़ती संख्या अपने आप में चिंता का विषय है, क्योंकि इनमें से अधिकांश प्लांट बिना किसी ठोस निगरानी, नियमित जांच और निर्धारित मानकों के संचालित किए जा रहे हैं। सरकार द्वारा चलाई जा रही नल-जल योजना का उद्देश्य प्रत्येक घर तक स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल पहुंचाना है, लेकिन कई क्षेत्रों में पाइपलाइन से आपूर्ति होने वाला पानी गंदा, बदबूदार या अशुद्ध पाया जा रहा है। कहीं आयरन की अधिकता है तो कहीं मटमैला पानी आ रहा है। ऐसे में आम लोगों के पास मजबूरी क...