देहरादून, अक्टूबर 6 -- कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि आयुर्वेद केवल उपचार की प्राचीन पद्धति ही नहीं बल्कि जीवन जीने की एक वैज्ञानिक और संतुलित शैली भी है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य आयुर्वेदिक चिकित्सा को गांव-गांव तक पहुंचाना है। जीएमएस रोड स्थित एक होटल में सोमवार को आयुर्वेदिक यूनानी चिकित्सा सेवा संघ का द्विवार्षिक प्रांतीय अधिवेशन में आयोजित हुआ। इस दौरान मुख्य अतिथि उनियाल ने कहा कि उत्तराखंड आयुर्वेद की जन्मभूमि, महर्षि चरक की भूमि है। यहां की जैव विविधता, शुद्ध वातावरण और जड़ी-बूटियों की प्रचुरता प्रदेश की सबसे बड़ी पूंजी है। राज्य की पहाड़ियां औषधीय पौधों का भंडार हैं जिनके संरक्षण और संवर्धन की दिशा में राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। कैंट विधायक सविता कपूर ने कहा कि आयुर्वेद भारतीय जीवन दर्शन का अभिन्न हिस्सा है। आज...