लखीसराय, मार्च 28 -- सरकारी पैसे की बर्बादी की अगर कोई जीवित मिसाल देखनी हो तो शहर के नगर भवन के परिसर में चले आइए। यहां विकास के पहिए थमे नहीं हैं बल्कि वे जंग लगकर जमीन में धंस चुके हैं। जिस नगर परिषद पर शहर को चकाचक रखने की जिम्मेदारी है उसने खुद के आंगन को ही करोड़ों की मशीनों का कब्रिस्तान बना दिया है। लाखों की जेसीबी, ट्रैक्टर और कूड़ा ढोने वाली गाड़ियां आज इस कदर बदहाल हैं कि उनके लोहे के बीच से अब झाड़ियां और पौधे निकल रहे हैं। यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि जनता के टैक्स के पैसे की क्रूर हत्या है। यह दृश्य न केवल प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है बल्कि यह भी बताता है कि जनता के टैक्स के पैसे से खरीदी गई संपत्तियों की देखभाल किस तरह से की जा रही है। नगर परिषद के नगर भवन परिसर और आसपास के क्षेत्रों में खड़े इन वाहनों को देखकर ऐसा प्रत...