लखनऊ, नवम्बर 24 -- सड़क न नाली, सफाई का पता नहीं है। स्ट्रीट लाइट भी बस नाम की...ऐसी ही मूलभूत समस्याओं से प्रतिदिन जूझ रही है 50 हजार से ज्यादा की आबादी। गोमतीनगर का छोटा भरवारा अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। तीन दशक पहले गोमतीनगर की नींव रखी गई, लेकिन आसपास के क्षेत्रों में आज तक मूलभूत सुविधाएं आम लोगों तक नहीं पहुंच सकीं। वर्ष 2018 में नगर निगम में जिन 88 गांवों को शामिल किया गया उसमें छोटा भरवारा भी शामिल था। लेकिन यहां के लोग आज भी सुविधाओं के इंतजार में हैं। वर्ष 2020 से वे नगर निगम को हर प्रकार के टैक्स अदा कर रहे है। यहीं नहीं वर्ष 2023 में भरवारा मल्हौर वार्ड बना। इसे नगर निगम जोन चार में शामिल किया गया। बावजूद विकास कार्य आगे नहीं बढ़ा। हिन्दुस्तान ने स्थानीय निवासियों से चर्चा की तो उन्होंने खुलकर अपनी समस्याएं सामने रखीं। ल...
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