रायबरेली, मार्च 15 -- शहर और तहसील मे बने रेलवे अंडरपास की ओर कोई ध्यान देने वाला नहीं है। पहले मानव रहित क्रासिंग थी जो अब नहीं है लेकिन बनाए गए अंडरपास मानक पर खरे नहीं उतर रहे हैं। लगभग सभी अंडरपास ऐसे हैं जो हल्की बरसात में भी पानी से भर जाते हैं। तब वहां से निकलना जान जोखिम में डालने के बराबर होता है। कई अंडरपास में बने ब्रेकर हादसे का सबब बन रहे हैं। इसकी ओर जिम्मेदार अधिक ध्यान नहीं देते हैं। जिले में 14 के करीब अंडरपास बने हैं। कई स्थानों पर अंडरपास और ओवर ब्रिज की दरकार है। जो अंडरपास बने हों एक दो को छोड़ दें तो बाकी उस स्थान के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। इन मार्गों से रोजाना एक लाख से अधिक वाहन निकलते हैं। अभी करीब दस अंडरपास और 5 ओवर ब्रिज और बन जाए तो स्थिति सुधर जाएगी। हरचंदपुर के छतैया में 23 महीने बाद भी अंडरपास...