बोले रांची : मेहनत के दम पर खेती, पर आधुनिक मंडी ही नहीं
रांची, मई 21 -- इटकी, प्रतिनिधि। रांची जिले का कृषि बहुल प्रखंड इटकी आजादी के दशकों बाद भी बुनियादी कृषि सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहा है। हिन्दुस्तान के बोले रांची कार्यक्रम में किसान और व्यापारियों ने कहा कि यहां की लगभग 80 प्रतिशत आबादी खेती-किसानी पर निर्भर है, लेकिन किसानों को अपनी उपज बेचने, सुरक्षित रखने और बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं है। सरकारें बदलीं, योजनाएं बनीं, घोषणाएं हुईं, लेकिन किसानों की स्थिति जस की तस बनी हुई है। इटकी सब्जी मंडी से प्रतिदिन सैकड़ों क्विंटल सब्जियां झारखंड सहित कई राज्यों में भेजी जाती हैं। इसके बावजूद बाजार परिसर में किसानों के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। बाजार में भारी अतिक्रमण के कारण किसान और व्यापारी खुले आसमान के नीचे सब्जियों की खरीद-बिक्री करने को मजबूर हैं। कई बार तो आरोग...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.