रांची, अप्रैल 5 -- रांची, संवाददाता। कोकर डिस्टिलरी पुल के समीप नगर निगम द्वारा संचालित स्वामी विवेकानंद स्मृति पार्क अपनी स्थापना के मूल उद्देश्यों को भूलकर आज बदहाली के आंसू रो रहा है। वर्ष 2017 में करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया गया यह पार्क प्रशासनिक उदासीनता और रखरखाव के अभाव में अब केवल अव्यवस्था का स्मारक बनकर रह गया है। हिन्दुस्तान के 'बोले रांची' कार्यक्रम के तहत जब मॉर्निंग वॉकर्स और स्थानीय निवासियों से बात की गई, तो उनकी पीड़ा और आक्रोश फूट पड़ा। उनका कहना है कि जिस स्थान को मनोरंजन और सुकुन के लिए संवारा गया था, वह आज अतिक्रमण, गंदगी और असामाजिक तत्वों का ठिकाना बन चुका है। पार्क के अंदर बिखरा कूड़ा, जर्जर बुनियादी ढांचा और चारों ओर पसरी असुरक्षा के कारण आम नागरिक यहां आने से कतराने लगे हैं। स्वामी विवेकानंद स्मृ...