मैनपुरी, मार्च 2 -- पर्यावरण केवल हमारे चारों ओर मौजूद पेड़-पौधों या हवा-पानी का नाम नहीं है, बल्कि यह वह जीवन रक्षक प्रणाली है जो पृथ्वी पर हर जीव के अस्तित्व को संभव बनाती है। आज के युग में पर्यावरण संरक्षण की जरूरत पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है क्योंकि हम एक गंभीर पारिस्थितिक असंतुलन के मुहाने पर खड़े हैं। बढ़ती जनसंख्या, अनियंत्रित शहरीकरण व औद्योगिक कचरे ने हमारी स्वच्छ हवा को जहरीला और नदियों को प्रदूषित कर दिया है। प्लास्टिक का अत्यधिक उपयोग, वनों की कटाई और जीवाश्म ईंधन के जलने से होने वाला कार्बन उत्सर्जन ओजोन परत को नुकसान पहुंचा रहा है व ग्लोबल वार्मिंग जैसी चुनौतियां पेश कर रहा है। यदि हमें आने वाली पीढ़ियों को एक सुरक्षित भविष्य देना है तो पर्यावरण का संरक्षण केवल एक विकल्प नहीं बल्कि हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। आपके अपने अखबा...