मैनपुरी, दिसम्बर 31 -- आधी आबादी आसमान में उड़ान भर रही है। घर की दहलीज पार करने वाली महिलाओं ने अपनी पहचान बनाने को कठिन संघर्ष किया है। उनकी सफलता की पीछे की कहानियों में इस बात की पुष्टि भी होती है। मैनपुरी जैसे छोटे शहर में महिलाओं ने सभी क्षेत्रों में पहचान बनाकर सफलता का वह मुकाम हासिल किया है, जिसने उन्हें अपनी पहचान दी है। 15 से 20 साल पहले की बात करें तो वह जमाना महिलाओं के लिए चौखट के अंदर रहने का था। घूंघट की ओट ने महिलाओं को पिछड़ा बना रखा था। उस जमाने में महिलाए चौखट पार कर अपनी पहचान बनाने को निकलती थी तो जमाना उन्हें सवालों के घेरे में ले लेता था। लेकिन अब बदलाव एक घर में नहीं हो रहा बल्कि घर-घर आधी आबादी अपनी पहचान बना रही है। सफलता के झंडे गाढ़ रही है। उनके कदम तकनीक के इस युग में सफलता का सफर तय कर रहे हैं। महिलाएं कहती हैं...
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