मैनपुरी, नवम्बर 18 -- जनपद की नवीन उपमंडी भोगांव आज अपने ही अस्तित्व से जूझती दिखाई दे रही है। जहां व्यापारियों ने पूरी ईमानदारी से लाइसेंस लेकर कारोबार शुरू किया, वहीं सुविधाओं के नाम पर उन्हें केवल निराशा ही मिली। मंडी परिसर की टूटी सड़कें, जलभराव, खराब पेयजल व्यवस्था, जर्जर चबूतरे, ध्वस्त बाउंड्री और आवासों की बदहाली, सब मिलकर इस मंडी की पीड़ा को और गहरा कर देते हैं। वर्षों से टैक्स भरने वाले व्यापारियों को अब ऐसा महसूस होता है कि उनकी मेहनत का मूल्य प्रशासन तक कभी पहुंच ही नहीं पाया। दुखद यह है कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी आंखें बंद किए बैठे हैं। हिन्दुस्तान के बोले मैनपुरी संवाद में ग्रामीणों व व्यापारियों ने अपनी आवाज अब इस उम्मीद के साथ उठाई है कि सरकार और प्रशासन स्थिति की गंभीरता समझकर तत्काल सुविधाएं बहाल करे और इस मंडी...
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