मुजफ्फर नगर, जनवरी 9 -- बुढ़ाना का बेगम समरु का किला एक खोए हुए गौरव का प्रतीक है। यह मांग केवल एक संरचना को बचाने की नहीं है, बल्कि उस असाधारण इतिहास को संरक्षित करने की है, जहां एक महिला ने 40 वर्षों तक मुगल, मराठा और यूरोपीय शक्तियों के बीच अपनी जगह बनाई। उत्तर प्रदेश सरकार और पुरातत्व विभाग को तत्काल इस धरोहर को राष्ट्रीय महत्व का स्थल घोषित कर इसके जीर्णोद्धार का कार्य शुरू करना चाहिए, ताकि संरक्षण की यह उठी आवाज़ स्थानीय प्रशासन की मूकता पर भारी न पड़ जाए। ------------------- इतिहास का क्रूर मज़ाक: बुढ़ाना में बेगम सिमरु का किला खंडहर में तब्दील -पुरातत्व विभाग मौन, संरक्षण के लिए उठी आवाज उत्तर भारत की 18वीं सदी की राजनीति में अपनी कूटनीति और सैन्य शक्ति से निर्णायक भूमिका निभाने वाली एकमात्र कैथोलिक शासक बेगम सिमरु का इतिहास मुजफ्फरनग...