मुजफ्फर नगर, जनवरी 11 -- बोले मुजफ्फरनगर: शीतलहर के कहर में रात का सन्नाटा और ठिठुरता रोजगार उत्तर भारत के साथ-साथ मुजफ्फरनगर में भी इस समय शीत लहर का भीषण प्रकोप जारी है। जब सूरज ढलने के बाद शहर की रफ्तार थम जानी चाहिए, तब भी कुछ हाथ पेट की आग बुझाने के लिए काम की तलाश में रहते हैं। लेकिन इस बार की कड़कड़ाती ठंड ने उन मेहनतकश हाथों की कमर तोड़ कर रख दी है। सड़कों पर छाया घना कोहरा और हड्डियों को कंपा देने वाली बर्फीली हवाओं ने रात की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह से ठप कर दिया है। भीषण ठंड ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। मुजफ्फरनगर में पारा गिरते ही रात के सन्नाटे में गरीबी और मजबूरी की तस्वीरें साफ नजर आने लगी हैं। वह शहर जो कभी देर रात तक गुलजार रहता था, आज शीतलहर के थपेड़ों के बीच ठिठुरने को मजबूर है। यह केवल मौसम का मिजाज नहीं है, बल्क...