भागलपुर, मार्च 1 -- -प्रस्तुति: गौरव कुमार मिश्रा बिहार में ग्रामीण और कस्बाई सुरक्षा व्यवस्था की आधारशिला माने जाने वाले दफादार-चौकीदार आज अपने ही अधिकारों के लिए आंदोलनरत हैं। वर्ष 2004 से लगातार मांगें उठाए जाने के बावजूद उनकी अधिकांश समस्याएं अब तक अनसुलझी हैं। मुंगेर प्रमंडल सहित राज्य के कई जिलों में चौकीदार एवं दफादार न केवल कम वेतन और अनियमित भुगतान से जूझ रहे हैं, बल्कि सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले वैधानिक लाभों से भी वंचित हैं। जिले में लगभग 400 दफादार-चौकीदार हैं, जबकि लगभग 200 से अधिक पद रिक्त पड़े हैं। इन रिक्तियों के कारण कार्यभार बढ़ गया है, परंतु उसके अनुरूप सुविधाएं नहीं दी जा रहीं। पुलिस बल के अन्य कर्मियों को जहां 13 महीने का वेतन और नियमित भत्ते मिलते हैं, वहीं चौकीदार-दफादार इससे वंचित हैं। वर्दी भत्ता 10,000 रुपए न...