भागलपुर, फरवरी 25 -- शहर से सटे गंगा नदी के दियारे में बसे शंकरपुर और अजमेरीपुर पंचायत की करीब छह हजार की आबादी आज भी विकास के वादों और जमीनी हकीकत के बीच झूल रही है। बांस से बनी जर्जर चचरी पुल के सहारे लोग रोजाना जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने को मजबूर हैं। वर्षों से पुल निर्माण की मांग की जा रही है, पर हर बार आश्वासन ही मिलता है। वहीं इन समस्याओं के समाधान हेतु प्रशासन, जनप्रतिनिधि और स्थानीय जनता के संयुक्त प्रयास से ही स्थायी राहत संभव है। चचरी पुल दोनों पंचायतों की जीवन रेखा है, लेकिन इसकी स्थिति इतनी खराब है कि हर गुजरते दिन के साथ कोई बड़ा हादसा होने का खतरा बढ़ता जा रहा है। गंगा के दियारे पर बसे बिंदटोला, बालूटोला, दिलदारपुर, दारापुर, शंकरपुर और अजमेरीपुर समेत आधा दर्जन गांवों के लोगों के लिए यह चचरी पुल ही मुख्य संपर्क मार्ग है...
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