बोकारो, जनवरी 13 -- मकर संक्रांति का देश में सांस्कृतिक रूप से विशेष महत्व है। धान की नई फसल आदि के पैदावार के बाद यह पौष मास में मनाया जाता है। दान-पुण्य, गंगा स्नान आदि के साथ नये फसलों के पकवान का स्वाद लिया जाता है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से इस दिन सूर्य के उत्तरायण की ओर अग्रसर होता है। नये ऋतु के आगमन पर स्वागत का भी दिन माना जाता है। इसी दिन सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करता है। टुसू पर्व को लेकर हर क्षेत्र में कई प्रकार के लोक गीत गाए जाते है। बोकारो के कई क्षेत्रों में कई दिनों तक टुसू मेला का आयोजन किया जाता है। नदी में टुसू विसर्जन से लेकर स्नान को लोगों को हुजूम उमड़ता है। लोक आस्था, खगालिया घटना क्रम, सांस्कृतिक व लोक मान्यताओं से जुड़े इस पर्व के लिए नदी आदि में सरकार द्वारा किसी प्रकार की कोई तैयारी नहीं होना चिंता का...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.