बोकारो, मार्च 21 -- बोकारो शहर का निर्माण काफी खूबसूरती के साथ किया गया था। पार्क से लेकर यहां की शिक्षा व्यवस्था के लोग कायल थें। यहां की साफ-सफाई, यहां की शिक्षा व्यवस्थाएं, रोजगार के साधन आदि के साथ अन्य चीजें कभी लोगों को बोकारो आने के लिए लुभाती थी। लेकिन वक्त से साथ बोकारो निखरने के बाजाए बिखरता जा रहा है। बौद्धिक नगर कहे जाने के बाद भी यहां आज तक पीजी, इंजीनियरिंग, मेडिकल आदि की पढ़ाई के लिए अन्य शहर व प्रदेश जाना पड़ता है। कॉलेज से लेकर अन्य स्थलों में लाइब्रेरी की कमी है। मैदान की कमी के कारण लोग मॉर्निंग वॉक सड़क पर करते है। चास में पार्किंग की व्यवस्था की कमी जाम का कारण बनती है। युवाओं में नशा का चलन बढ़ रहा है। चोरी, हत्या आदि अपराध बढ़ रहे है। निगरानी के लिए हर चौक पर सीसीटीवी भी उपलब्ध नहीं है। ट्रैफिक सिग्नल की व्यवस्था का...
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