बाराबंकी, फरवरी 16 -- शहर व तहसील क्षेत्र में कुटीर उद्योग चला रही महिलाओं के सामने समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। अगर इन्हें उत्पाद बेचने के लिए स्थायी बाजार और बैंक से आसान शर्तों पर ऋण की सुविधा मिल जाए तो यह उद्योग न केवल मजबूत होगा बल्कि सैकड़ों परिवारों की आजीविका भी सुदृढ़ होगी। क्षेत्र की कई महिलाएं सिलाई-कढ़ाई, अगरबत्ती निर्माण, पापड़-बड़ी, अचार-मुरब्बा, हस्तशिल्प, बुनाई और अन्य घरेलू उत्पाद तैयार कर आत्मनिर्भर बनने की कोशिश कर रही हैं। लेकिन तैयार सामान को बेचने के लिए उन्हें न तो स्थायी जगह मिलती है और न ही उचित दाम। मजबूरी में उन्हें घर-घर जाकर या अस्थायी ठेलों के सहारे सामान बेचना पड़ता है। महिलाओं का कहना है कि बैंक से लोन लेने की प्रक्रिया काफी जटिल है। पेश है बोले हिन्दुस्तान टीम की एक रिपोर्ट... बाराबंकी। शहर व तहसील क्षेत्र में...
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