बाराबंकी, दिसम्बर 28 -- जन औषधि केन्द्रों पर दवाएं सस्ती तो है,मगर अभी भी जारुकता की कमी है। इसके लिए चिकित्सकों को भी ईमानदारी से काम करना होगा कि वह केन्द्र की दवाएं लिखें। ताकि कम कीमत पर गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने की सरकार की मंशा पूरी की जा सके। हाल में सुधार तो हुआ है। मगर अभी बहुत काम करना बाकी है। प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र से मरीजों के लिए बड़ी राहत हैं। इन केंद्रों पर ब्रांडेड दवाओं की तुलना में 50 से 80 प्रतिशत तक सस्ती दवाएं मिल हैं, इससे खासकर गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को इलाज में आर्थिक सहारा मिल रहा है। मरीजों को पहले महंगी दवाओं के कारण इलाज अधूरा छोड़ना पड़ता था, लेकिन जन औषधि केंद्र खुलने से अब नियमित दवा संभव हो पा रहा है। लोगों की मांग है कि सभी सरकारी अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी जन औषधि केंद...
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