बहराइच, जनवरी 10 -- शहर व ग्रामीण इलाकों में कुत्तों व बंदरों का बढ़ रहा कुनवा लोगों के जी का जंजाल बन रहा है। कभी कुत्ते को वफादार मानने वाले लोग अब आक्रामक होते जा रहे कुत्तों से परेशान हैं। दरअसल विगत वर्ष ही नानपारा तहसील के कम्हरिया में कुत्तों के हमले में एक बालक की जान चली गई थी। तो इसके कुछ दिन बाद ही इसी इलाके के मटेरा कलां में एक 10 वर्षीय ननकी को कुत्तों ने नोंच डाला था। उसकी भी मौत हो गई थी। मेडिकल कालेज के आंकड़े बताते हैं कि हर माह कुत्ते के काटने से 3000 से अधिक लोगों को रैबीज वैक्सीन लगी है। तो उधर वन्य जीवों के प्राकृतिक प्रवास से छेड़छाड़ के नतीजे अब सामने आने लगे हैं। जंगल में अंधाधुंध कटान से संरक्षित वन्यजीव बंदरों के झुंड गांव, कस्बे ही नहीं शहरों में भी दस्तक दे रहे हैं। उछलकूद से लुभाने वाले यह बंदर अब लोगों की जान...